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NCP Crisis | घूमीं घड़ी की सुइयां, सिंबल गया और गई पार्टी, क्या पार लगेगी शरद पवार की नैया! अब क्या है विकल्प? | Navabharat (नवभारत)

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शरद पवार के लिए अब आगे क्या….

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नई दिल्ली/मुंबई:लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2023) से पहले महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत में समय बड़ा मोड़ आया जब चुनाव आयोग (Election Commission) ने अजित पवार गुट (Ajit Pawar) को ही असली NCP करार दिया है। ऐसे में पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह भी अजित पवार को मिल गया है। देखा जाए तो यह ये अजित पवार के लिए बड़ी जीत है तो उनके चाचा शरद पवार (Sharad Pawar) के लिए आम चुनाव से पहले करारा झटका है। 

हालांकि चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर शरद पवार को अपने नए राजनीतिक गठन का नाम रखने के लिए विशेष छूट जरुर दे दी है। चुनाव आयोग  की मानें तो विवादित आंतरिक संगठनात्मक चुनावों के मद्देनजर ‘विधायी बहुमत के परीक्षण’ ने अजित पवार गुट को एनसीपी का चुनाव चिह्न हासिल करने में मदद की। 

क्या है शरद पवार के पास अब विकल्प?

इधर चुनाव आयोग के फैसले को शरद पवार की उनकी 63 साल की राजनीति में सबसे बड़ा और करार झटका माना जा रहा है। वहीँ चुनाव आयोग के फैसले पर अब सबकी नजरें इस बात पर ही आकर टिकी हुईं हैं कि शरद पवार के पास अब क्या ही विकल्प बचा है?

सुप्रीम कोर्ट जाएँ लेकिन 

देखा जाए तो NCP प्रमुख शरद पवार के हाथ से उनकी पार्टी और सिंबल निकल जाने के बाद अब उनके पास अब एक ही विकल्प रह गया है और वह है सुप्रीम कोर्ट में अपील करना, जो कि उनका गुट और वकील आज करने वाले हैं। शरद पवार गुट के एक और नेता जयंत पाटिल ने कहा कि पार्टी उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद इसका नतीजा कब आएगा इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसलिए शरद पवार गुट को बिना पार्टी और सिंबल के ही राज्यसभा और लोकसभा चुनाव का सामना करना पड़ सकता है। 

क्या बोले अजित और सुप्रिया

चुनाव आयोग के इस फैसले पर शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि, “इसमें चौंकाने वाली बात नहीं है। अमिताभ बच्चन, अमिताभ बच्चन है और हमारा अमिताभ बच्चन शरद पवार है।”  सुप्रिया सुले ने आगे कहा कि, “मुझे लगता है कि जो शिवसेना के साथ हुआ वही आज हमारे साथ हो रहा है। इसलिए, यह कोई नया आदेश नहीं है। बस नाम हैं बदल दिए गए हैं लेकिन कंटेंट तो वही है।” 

इधर शरद पवार गुट सुप्रीम कोर्ट जाएगा, इस पर अजित पवार ने कहा कि, न्याय मांगने का हक सबको है। जब वे जाएंगे, हम भी अपने वकील के साथ वहां जवाब देंगे।  वहीं सांसद सुप्रिया सुले के बयान पर अजित पवार ने कहा कि, किसी ने क्या कहा है, इस पर मैं ज्यादा नहीं बोलूंगा। हमे महाराष्ट्र में अब सिर्फ डेवलपमेंट की तरफ़ काम कराना है। हमारी विधानसभा अध्यक्ष के पास भी एक सुनवाई चल रही है, वे कब फ़ैसला देंगे नहीं पता लेकिन जल्द देंगे ऐसी हमारी उम्मीद है।”

क्या था मामला 

जानकारी दें कि, बीते 2 जुलाई 2023 को NCP में विभाजन हो गया था। वहीं खुद अजित पवार अपने खेमे के विधायकों के साथ NDA में शामिल हो गए और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री भी बनाए गए। पता हो कि वो महाराष्ट्र की BJP और एकनाथ शिंदे की सरकार में शामिल हो गए। इधर NCP से अलग होने के बाद अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की एनसीपी पर ही दावा ठोंक दिया था। इसके बाद ये मामला चुनाव आयोग की दहलीज चक पहुंचा। यहां इन दोनों खेमों में चुनाव आयोग के समक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश की थीं। अब चुनाव आयोग ने अजित की NCP को ही असली NCP करार दिया।


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