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‘देश को मौलाना अमीर अली और पुजारी रामचरण दास की जरूरत’, असदुद्दीन ओवैसी का पीएम मोदी पर निशाना

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Asaduddin Owaisi Targets PM Modi: ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बजट सत्र के आखिरी दिन लोकसभा में राम मंदिर निर्माण को लेकर हो रही चर्चा में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज देश को बाबा मोदी की जरूरत नहीं है.

ओवैसी ने शनिवार (10 फरवरी) को कहा, “आज देश को भारत को अमीर अली, बाबा रामचरण दास, अच्छन खां और शंभू प्रसाद शुक्ल की जरुरत है, न कि नरेंद्र मोदी की.” इस दौरान उन्होंने एक किस्सा सुनाया और कहा कि मौलाना अमीर अली और अयोध्या के पुजारी बाबा रामचरण दास ने अंग्रेजों के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ी थी.

उन्होंने बताया कि अमीर अली और रामचरण दास दोनों को गिरफ्तार करके उनके फांसी दे दी गई. अंग्रेजों ने एक पेड़ पर अमीर अली और रामचरण दास को लटका दिया था. अच्छन खां और शंभू प्रसाद शुक्ल राजा देवी सिंह की फौज में थे और मिलकर अंग्रेजों का सामना किया. अंग्रेजों ने अच्छन खां की लाश को जला दिया था और शंभू प्रसाद को दफना दिया था.

‘मस्जिद ध्वस्त होने का जश्न मना रही सरकार’
उन्होंने कहा, “16 दिसंबर 1992 को लोकसभा ने एक रेजोलूशन पास किया था. इसमें कहा गया था कि यह सदन अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने की घटना की निंदा करता है, जिससे देश में हिंसा भड़की और देश की धर्म निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाया. आज मोदी सरकार 6 दिसंबर की घटना को लेकर जश्न मना रही है.”

‘मैं मर्यादा पुरुषोत्तम राम की इज्जत करता हूं’
ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कहा कि अदालत ने ASI की रिपोर्ट को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि बाबरी मस्जिद को मंदिर तोड़कर नहीं बनाया गया था. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार एक समुदाय या एक धर्म की सरकार है. उन्होंने आगे कहा, “मैं मर्यादा पुरुषोत्तम राम की इज्जत करता हूं और नाथूराम गोडसे से नफरत करता हूं, क्योंकि उसने ऐसे शख्स को गोली मारी, जिसकी जबान से आखिरी शब्द ‘हे राम’ निकले.”

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